रोडवेज बस परिचालक ने दिव्यांगजन (विकलांग) को बस से निचे उतारा
नानौता सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजन (विकलांग व्यक्तियों) को सशक्त बनाने और राहत देने के लिए पंजीकृत दिव्यांगजन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में निशुल्क यात्रा देने का ढिंढोरा पीटती है वहीं इस इन योजनाओं का मज़ाक उड़ाते हुए दिव्यांगजन व्यक्तियों को परेशान करने का मामला समाने आया है गुफरान नाम का दिव्यांगजन (विकलांग ) व्यक्ति नानौता से जलालाबाद जनपद शामली को जाना चाह रहा था कि कोई रोडवेज बस गुफरान दिव्यांगजन (विकलांग) को बस में बैठा नही रहा था उसने बताया में जब भी बस में बैठता हूँ मुझे निचे उतार देते है।
पीड़ित गुफरान निवासी तीतरों जनपद सहारनपुर ने संजय चौंक नानौता पर बताया कि उसके पास यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड है जिससे वह अपनी जरूरत के अनुसार ट्रेवल करता है,लेकिन उसको रोडवेज बस परिचालक गाली गलोच कर बस से उतार देते है,जिस से वह अपमानित महसूस करता है,यूडीआईडी (UDID) कार्ड भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जारी किया जाने वाला एक विशिष्ट (यूनिक) पहचान पत्र है। इसका प्रमुख लाभ सरकारी योजनाओ के साथ साथ यात्रा में छूट रेल और बस यात्रा के दौरान विशेष छूट है।



