- सहारनपुर। साल 2013 अगस्त सितम्बर को कोई नही भूला यह वह दिन था जिसमे आपसी भाईचारा खंडित कर दिलो में नफरत का बीच बोकर ख़ूनी संघर्ष हुआ था,कहने वाले कहते है कि इसी दंगे के बाद साल 2014 में देश में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी और बहुमत से ज्यादा एक तरफा सीट हासिल कर केंद्र में सरकार बनाई और आज तक सरकार चल रही है,उसी दंगे की याद दिलाने के लिए फिर से मुजफ्फरनगर में पोस्टर लगायें गए यह पोस्टर शहर में जगह-जगह लगाए गए है। पोस्टर सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल उन्हें हटवाया और मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
उत्तर प्रदेश सरकार यूपी में क़ानून का राज कायम होने के दावे समय समय पर करती है,लेकिन जमीन पर उन दावों का जमकर मजाक उड़ाया जाता है ऐसा भी समय समय पर देखा जाता है,जिस तरीके से पुलिस की नाक के निचे नफरती पोस्टर लगायें गए है उस से पुलिस की सतर्कता पर सवाल खड़े होते है,क्या यह सब आगामी विधानसभा चुनाव में ध्रुवीकरण कराने के लिएकिया जा रहा है। हालकी पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी है। पोस्टर किसने लगाए और इसके पीछे क्या वजह है, इसकी जांच की जा रही है। एक बार फिर दंगों की याद दिलाने की कोशिश से इलाके में चर्चा का माहौल है।



