उज्जैन में 600 साल पुरानी शाही मस्जिद को प्रसाशन तोड़ने पर अड़ा-स्तिथि नाजुक

देश में भाजपा सरकार द्वारा कराये जा रहे विकास कार्य भले ही चर्चा का विषय न हो लेकिन देश में आज के समय सबसे ज्यादा बिकने वाला और चलने वाला मुद्दा मिडिया सहित सरकार की नज़र में मस्जिद बना हुआ है,सीढ़ी सी बात है जब कहीं देश में कोई पुल गिर जाये,चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर प्रदर्शन होने लगे,विधायक सांसद खरीदे जाने लगे,सरकार तोड़ी जाने लगे पेपर लीक होने पर छात्र सडको पर प्रदर्शन करने लगे तो ऐसे में सरकार के सामने सुरक्षा कवच बनकर मुस्लिम समाज से जुडी आस्था का हनन करने वाले मुद्दे ही सरकार की ढाल बन जाते है आस्था और भावनाओ में देश की जनता असल मुद्दों से हटकर धर्म को बचाने की फ़िक्र में लग जाती है और देश का एहम मुद्दा हिन्दू मुस्लिम के शोर में दब जाता है ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है उज्जैन से।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पिछले कई दिनों से सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर 600 साल पुरानी शाही मस्जिद का मामला गरमा गया है। प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की जद में मस्जिद का एक हिस्सा आ रहा है, जिसे हटाने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। पिछले कई दिनों से उज्जैन में माहोल गरमाया हुआ है मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में मस्जिद के बहार श्रंखला बनाकर खड़े हुए है और दूसरी और पुलिस प्रसाशन बुलडोजर के साथ खड़ा हुआ है,सोमवार की सुबह मौके पर बड़ी संख्या में जमा लोगों की पुलिस के साथ तीखी झड़प हो गई.इस समय स्तिथि नाजुक बनी हुई है एक और प्रसाशन मस्जिद का एक हिस्सा तोड़ने की जिद पर खड़ा है तो दूसरी और एक समुदाय मस्जिद को न तोड़ने देने की जिद पर खड़ा है।

ऐसे में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापग ने अपनी प्रतिकिया देते हुए कहा सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उज्जैन शाही मस्जिद को तोड़ने की प्रशासनिक कवायद को थोड़ा संवेदनशील होना चाहिये। 600 साल पुरानी धरोहर को सिर्फ सड़क चौड़ीकरण और विकास के नाम पर ध्वस्त कर देना तो नफ़रत की पराकाष्ठा है। मेरे संज्ञान में आया है कि मामला जब न्यायालय में लंबित है तो फिर प्रशासन बार बार मस्जिद की घेराबंदी करके आख़िर क्या संदेशा देना चाहता है उज्जैन के हज़ारों युवा लगातार इस मुद्दे पर आवाज़ उठा रहे हैं। उज्जैन प्रशासन से मेरा अनुरोध है कि जन भावनाओं का सम्मान करिये और सड़क चौड़ीकरण के लिये आवश्यक ज़मीन दूसरी साइड से ले लीजिये। इतनी एैतिहासिक धरोहर को तोड़ा जाना कहीं से भी सामान्य घटना नहीं मानी जायेगी।

 

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