गुंडागर्दी पर नकेल कसने के लिए अभी न्यायालय है

दिल्ली- खुली हवा में चुनौती देकर मारपीटने की धमकी देने वाले फिर खुले आम मारपीट करते दिखे वह शायद भूल गए है कि अभी न्यायालय में इंसाफ जिन्दा है। दिल्ली हाई कोर्ट 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के पास प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित हमलों की स्वतंत्र और समय-सीमा के भीतर जांच की याचिका पर कल सुनवाई करने को तैयार हो गया है।

याचिका में SIT जांच, CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने और पुलिस की कार्रवाई की जांच की मांग की गई है। अब उन लोगों की खेर नहीं जो शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के साथ मारपीट करते नज़र आए। प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे है और कानून व्यवस्था को पुलिस संभाल रही है। ऐसे में अन्य व्यक्तियों व संगठनों द्वारा मारपीट करना क्या सही है। नहीं यह कानून व्यवस्था को बिगाड़े का अपराध है।जिसकी जांच पर कल हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *