सीने को लहूलुहान करते हुए फ़ात्मा ज़हरा को 72 शहीदों का पुरसा पेश किया
नानौता सहारनपुर। सावन महा के दिनों कवाड यात्रा के चलते स्थानीय लोगो द्वारा आपसी भाईचारे की मिसाल पैस करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से इस्लामिक केलेन्डर अनुसार महिना सफ़र चाँद की 21 तारीख के दिन कर्बला की जंग के ठीक 40 दिन बाद आने वाला वह गमगीन और ऐतिहासिक दिन है, जो पैगंबर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत की याद दिलाता है।
इसी को लेकर शिया समाज के लोगो द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिया समुदाय के सोगवारो ने चार अंजुमन अंजुमन हैदरी अंजुमन जुल्फकारी हैदरी अंजुमन सरकारें अब्तालि अंजुमन हुसैनिया के साथ इमाम बरगाह असद अली छत्ता मोहल्ला छत्ता से मोहाख्वानी करते हुए सिनाज़नी कर छुरियों से अपने जिस्म को लहूलुहान करते हुए जनाबे फ़ात्मा ज़हरा को 72 शहीदों का पुरसा पेश किया।
बुद्धवार की शाम नगर नानौता में शिया समुदाय के सोगवारो ने हजरत ईमाम हुसैन की मैदाने कर्बला में हुई शहादत पर 40 दिन बीत जाने के बाद मातमी जूलूस निकला जोकि पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोहल्ला छत्ता इमामबाड़ा से शुरू हुआ और मैन बाजार से होकर दादा मिराजी पर पहुंचा जहां शिया समाज के लोगों ने हजरत ईमाम हुसैन व उनके परिवार एवं साथियों को मोहाख्वानी सिनाज़नी कर छुरियों से अपने जिस्म को लहूलुहान करने के बाद जनाबे फ़ात्मा ज़हरा को 72 शहीदों का पुरसा पेश किया। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।



