उत्तर प्रदेश–मुजफ्फरनगर जरा सोचिये इस समय जिस जज को आप देख रहे है यह कोई मामूली जज नही है,यह एक ऐसे संवेधानिक पड़ पर है जिनसे लोग इंसाफ की उम्मीद रखते है और भगवान से प्रार्थना करते है कि भगवन जज इंसाफ करे,लेकिन यह तो फांसी की सजा सुनाने के बड़े शौकीन निकले,मुजफ्फरनगर में एडीजे रवि दिवाकर 11महीनो में 23 लोगो को फांसी की सजा सुना चुके है,सोचो जरा यह कितना डरावना है कि वह अपराधी को किस नज़र से देखते होंगे|
अब इन साहब को एडीजे रवि दिवाकर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी इस स्पीड को देखते हुए या ये कहे नाराज़ होकर हाईकोर्ट ने फास्ट ट्रैक कोर्ट से हटाया। उन्हें मुजफ्फरनगर में ही परिवार न्यायालय में एडीजे बनाया है। यानि अब वह फेमली मेटर को ज्यादातर सुनेंगे,उनके पिछले रिकार्ट की बात करे तो वह मुजफ्फरनगर के अलावा अन्य जिलों में एडीजे रवि दिवाकर जिन कोर्ट में रहे वहां भी उन्होंने 13 लोगों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। एडीजे रवि दिवाकर इस समय खूब चर्चा में है, इंसाफ परस्त लोग थर्राते उनके सामने फ़ाइल जाने से |



