नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मन्त्र पर इस समय देश के हर नवजवान की निगाहें टिकी हुई है इस से पहले जन्तर मन्त्र पर हो रहे धरना प्रदर्शन को लोगो ने और सरकार ने कोई तवज्जो नही दी, लेकिन सोनम वांगचू के अनशन ने राजनितिक पार्टियों का ध्यान अपनी और खींचा और एक के बाद एक नेतागण जन्तर मन्त्र पर अपना समर्थन देने के लिए पहुंचने लगे,सोमवार के दिन जब जन्तर मन्त्र पर पहुंची दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचू को मंच से उठाया तो सोचना भी नही होगा कि उनके इस फैसले पर देश का युवा क्या दिशा तय करेगा,
बड़ी संख्या में युवा जन्तर मन्त्र पर जमा होने लगे और संसद की और मार्च करने लगे,पुलिस ने उनको रोका और लाठी चार्ज की..पुलिस के इस फैसले को युवाओ ने सरकार का फैसला माना और पिटते रहे लेकिन जन्तर मन्त्र नही छोड़ा और फिर इस प्रदर्शन में एक नया मोड़ आया जो आज हर किसी की निगाहों मे है, सरकार ने सोचा भी नही था कि इस प्रदर्शन में ऐसा भी मोड़ आयेगा और विपक्ष ने मानसून स्त्र में चल रही संसद छोड़कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करना शुरू किया,उनके समर्थन में सपा मुख्या अखिलेश यादव व उद्धव ठाकरे भी आये और पूरा सिस्टम हिलाने के साथ साथ देश की जनता का ध्यान अपनी और खींचने में कामयाब रहे।
21 जुलाई की रात देश की पुलिस शो न सकी, पुलिस ने विपक्ष के छोटे बड़े नेताओ को होम अरेस्ट किया,यह वह रात थी जिसमे सरकार ने विपक्ष के नेताओ को अरेस्ट कर सनसनी फ़ैलाई। जिस तरीके से राहुल गाँधी प्रधानमत्री आवास पर अचानक धरने पर बैठे उस से जन्तर मन्त्र पर बैठे युवाओ को एक नई इनर्जी मिली और देखते ही देखते हजारो कॉकरोच की भीड़ जन्तर मन्त्र पर पहुँच गई। अभिजित दिपके द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जलाई गई मशाल आज युवाओ के दिलो को जगाने का काम कर गई। हाल फिहाल ताजा जानकारी के अनुसार विपक्ष संसद के बहार प्रदर्शन कर रहा है और देश इस समय देख रहा है कि यह लड़ाई अब कहा जाकर समाप्त होगी क्या सरकार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने पर फैसला लेगी या यह प्रदर्शन अभी और आगे जायेगा।



