सहारनपुर। यूपी के कई जिलो में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन देखने को मिला इसी क्रम में जनपद में भी जिला मुख्यालय पर भीम आर्मी एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के पदाधिकारियों एंव कार्यकर्ताओं द्वारा रामलीला मैदान पर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट गेट तक पैदल मार्च करते हुए जोरदार तरीके से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद पर बाराबंकी में हुए हमले के विरोध में राष्टपति के नाम चार सूत्रीय मांगो को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
बुद्धवार की दोपहर आजाद समाज पार्टी काशीराम व भीम आर्मी के कार्यकर्ताओ व पदाधिकारी कमल वालिया राष्ट्रिय महासचिव के नेत्रत्व में रामलीला मैदान पर एकत्रित हुए सभी पदाधिकारियों द्वारा रामलीला मैदान से पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे जहां पुलिस प्रसाशन ने उनको रोका,इस दौरान जिला अध्यक्ष सचिन खुराना,भीम आर्मी जिला अध्यक्ष शोर्य अम्बेडकर,चेयरमैन अफजाल खान नानौता सहित नेताओं ने अपने नेता राष्ट्रिय अध्यक्ष व नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद के काफिले पर पथराव का विरोध कर जांच की मांग का राष्टपति के नाम चार सूत्रीय मांगो को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया।
सौंपे गए ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं,बाराबंकी में सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए कथित हमले, पंचायत सहायकों की मांगों, 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि 13 सितंबर को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोके जाने के बाद पथराव और हिंसक हमले की शिकायत सामने आई थी। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, सीसीटीवी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की। साथ ही चंद्रशेखर आजाद का तत्काल थ्रेट असेसमेंट कर आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की गई।
पार्टी ने लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की मांगों का समाधान करने और 68500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण संबंधी प्रकरण में पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग रखी। वहीं,सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद और मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद सहित अन्य इस्लामिक धर्म स्थलों के संबंध में की जा रही कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि किसी भी कार्रवाई में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा भेदभाव की संभावना को समाप्त किया जाए।



