सहारनपुर। भारत देश में जिस किसी अधिकारी को भी किसी विभाग की जिम्मेदारी मिलती है वही अपनी जिम्मेदारी से भागता है,कार्यालय में बैठकर समाज सुधार की सभी जिम्मेदारियों से बेखबर हो जाता है और बहार गली मोहल्लो में उस समय तक कोई निरिक्षण कोई सख्ती नही होती जब तक कोई गरीब आम आदमी मर नही जाता,मौसम कोई सा भी हो भारत में हर मौसम के फल (फ्रूट) बाज़ार में आसानी से मिल जाते है जो सबसे बेस्ट क्वालिटी का फल है वह विदेश भेजा जाता है और जो समान्य फल है उसे भारत के बाजारों में बेचा जाता है इन्ही फलों में सबसे घटिया जोकि क्रेट रखा हुआ खराब हो जाता है सड जाता है गल जाता है दागी हो जाता है उसको गली मोहल्लो में सस्ते दामो में बेचा जाता है।
गली मोहल्ले में बिक रहे सड़े गले फल (फ्रूट) जानलेवा हो सकते है जिनको खाने से पॉइजनिंग होने का खतरा रहता है,इस खतरे को झेलने के लिए अधिकांश मुस्लिम आबादी देखने को मिलती है क्योंकि इस तरह के फल मुस्लिम गली मोहल्ले में ही बेचे जाते है और बिकते भी है और गरीब परिवार सस्ते दामो में खरीदते भी है लेकिन उनको यह नही पता यह सस्ते फल जानलेवा भी हो सकते है इनको बिकने से रोकने के लिए सरकार की जिम्मेदारी बनती है इसके लिए सरकार ने अलग से विभाग बनाया हुआ है जिसका नाम क्रषि मंत्रालय है।
बताया जाता है कि प्रशासनिक एवं कृषि दृष्टिकोण (Government & Farming)बागवानी विभाग प्रशासनिक और कृषि योजनाओं के तहत फल उत्पादन,उद्यानों के विकास और संरक्षण का कार्य बागवानी विभाग (Horticulture Department) के अधीन आता है। ऐसे में सवाल बनता है कि क्या कभी आपने किसी अधिकारी को इस विषय में निरिक्षण करते देखा क्या कभी आपने किसी अधिकारी को इसकी रोकथाम हेतु अभियान चलाते हुए देखा है। नोट समाचार में AI फोटो का इस्तेमाल किया गया है।



