दिल्ली-सत्य पर असत्य की जीत का दिन विजय दशमी देश भर में एक सन्देश देने के लिए मनाया जाता है जिसमे साफ साफ कहा जाता है कि आज का दिन बुराई पर अच्छाई की जीता का दिन है,इसी दिन की बात करे तो पिछले दशहरा को देखा जाये तो यह दशहरा उन सब से अलग देखने को मिल रहा है,इस दशहरा में राजनितिक विरोध जबसे ज्यादा देखने को मिला,कई जगहों पर भाजपा ने विपक्ष के नेताओ को रावण बताते हुए दहन किया|
तो कई स्थानों पर विपक्ष ने भाजपा सरकार के नेताओं वाला दस सरो का जिसमे प्रधानमंत्री का मुख्य चुनाव अयुक्त ज्ञानेश कुमार को रावण बताते हुए पुतले दहन किये,इस बार के दशहरा में कॉकरोच का भी पुतला दहन किया गया,अब भारत की राजनीती में तीन तरह के लोग शामिल है एक वह जो सरकार को तानाश बताते हुए प्रदर्शन कर रहे है,एक वह जो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन नही चाहते और एक वह जो सब कुछ ख़ामोशी से न्याय अन्याय को देख रहे है की राजनीती कहा पहुंच गुई|



