महाराष्ट्र के मुंबई शहर की सड़कों पर ज्ञानेश कुमार गुप्ता के खिलाफ राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में जनसैलाब उमड़ आया है। दोनों भईयों द्वारा संयुक्त रूप से निकाले गए गर्जना मार्च में मुम्बई की सडको पर जनसैलाब उमड़ता हुआ दिखाई दिया जिसकी भीड़ का अंकल करना आसन न था,शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने इस गर्जना मार्च के जरिए लंबे अंतराल के बाद एक साथ मिलकर शक्ति प्रदर्शन किया।
गर्जना मार्च रैली में दोनों भाईयों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राज ठाकरे ने मांग की कि भविष्य के सभी चुनाव वोटिंग मशीन की बजाय कागजी बैलेट पेपर से होने चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को आड़े हाथों लिया और देश में तानाशाही के खिलाफ ‘आर-पार की लड़ाई’ का ऐलान किया। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई थी,उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए लोगों को सड़कों पर उतरने और एकजुट होने की जरूरत है।



