दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के चलते दिनों एक चेहरा ऐसा भी है जो इस समय सोशल मिडिया व राजनितिक पार्टियों में छाया हुआ है,आज उनका नाम हर किसी की जुबान पर है खासकर उन लोगो की जो जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को लगातार देख रहे है,वह चेहरा है नेहा बोरा का जिन्होंने इन दिनों आपनी ख़ास पहचान बना ली है,अब वह राजनेतिक पार्टियों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
नेहा बोरा की बात करे तो वह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की शोधार्थी (पीएचडी छात्रा) हैं। उनका परिचय नेहा बोरा मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा से हैं और एक छात्र नेता व थिएटर कलाकार हैं। शिक्षा में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक अंबेडकर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर एम् ए और जे एन यू के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स से पीएचडी की है। राजनीति में उनका जुड़ाव कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) मुक्ति – CPI(ML) Liberation से जुड़े वामपंथी छात्र संगठन ‘आइसा’ (AISA) की राष्ट्रीय कमान संभालती हैं।
उनके खास चर्चा में आने की वजह 23 दिन की भूख हड़ताल रही जोकि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान उन्होंने 23 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। उनको हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा खींचकर व उठाकर हिरासत में ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। झारखंड के रांची में छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान उन पर कथित तौर पर स्याही फेंकी गई थी जिसके बाद वह राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गईं।



