नई दिल्ली| चुनाव कोइ सा भी हो समय पर न होना सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का सबब बन रहा है,और कहीं न कहीं सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहा है,चुनाव चाहे विधानसभा का हो या पंचायत चुनाव जनता चाहती है कि समय पर ही हो,लेकिन यहां एक अदना से चुनाव की बात करे तो जामिया यूनिवर्सिटी में साल 2006 से छात्र संघ चुनावों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। जिसकी बहाली को लेकर 12 अक्टूबर से युनिवर्सटी के छात्र केम्पस में ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं|
छात्रो की मांग है कि लोकतांत्रिक तरीके से छात्र संघ चुनाव की बहाली हो,इसी को लेकर छात्रो के समर्थन में उनकी मांग और उनकी आवाज़ को बुलंद करने के लिए कांग्रेस के दोनों सांसद केम्पस में धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रो को भडकाने हेतु केम्पस में घुसे थे,यह आरोप लगाते हुए जामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन की और से कांग्रेस के दोनों सांसदों इमरान मसूद व इमरान प्रतापगढ़ी पर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। प्रसाशन की और से छात्रो को प्रदर्शन से हटाया जा रहा है लेकिन छात्र प्रदर्शन पर बने हुए है|



